पहले निलंबन फिर उसी ब्लॉक में बहाली,जानिए वित्तीय अनियमितता से घिरे सचिव आशुतोष जायसवाल की कुंडली
- By UP Samachaar Plus --
- Sunday 21 Sep, 2025
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अपने रसूख के बल पर सचिव ने उसी ब्लाक में करा ली तैनाती जहा सरकारी धन के बंदरबांट में हुए थे निलंबित
महराजगंज। जिले के मिठौरा ब्लॉक में तैनात ग्रामविकास अधिकारी आशुतोष जायसवाल के आगे सारे नियम कानून धरे के धरे रह गए और साहब अपने रसूख के बल पर दुबारा उसी ब्लाक में तैनाती करा लिए वर्ष 2023 में सचिव साहब सरकारी धन लूटने के आरोप मिठौरा ब्लाक से ही निलंबित कर दिए गए थे और उन दिनों इनको मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था. लेकिन अपने रसूख के बल पर सचिव साहब दुबारा आ गए डांका डालने जिसे वो अधूरा छोड़कर निलंबित हो गए थे।
गरीबो के हक का मकान छीनकर अमीरों मे बाटने का साहब पर लगा आरोप
वर्ष 2023 में निलंबित हुए सचिव साहब एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं और इस बार साहब पर गरीबो का आवास छीनकर अमीरों में बांटने का आरोप लगा है। इन दिनों साहब के रोस्टर में पात्रों के पीएम आवास पर डांका डालने और सरकारी नौकरी, ट्रेक्टर ट्राली स्वामियों समेत पूर्ण रूप से अपात्रो को पीएम आवास बांटने वाला गाँव मुजहना बुजुर्ग भी है.
ब्लॉक के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया है कि जुगाड़ू सचिव भ्रष्ट प्रधान पर कार्यवाई करने व धरातल पर जाँच करने की जगह बचाने का ठेका ले रखा है.
खबर चलने के दौरान से ही लगातार अनिमितताओं के आरोपो से घिरे सचिव आशुतोष जायसवाल अपने कमरे में भ्रष्ट प्रधान सुनीता देवी के पति जवाहर गुप्ता, रोजगार सेवक शैलेश कुमार से लगातार बैठक कर रहे है और नई नई तरक़ीब अपना रहे, सचिव साहब का दावा है कि जिले के उच्चाधिकारियों को गलत सलत रिपोर्ट दिखाकर बरगला दिया जाएगा और मामला चंद दिनों में ठंडा हो जाएगा.
मुजहना बुजुर्ग ग्रामसभा के हमारे सूत्र ने बताया है कि सचिव आशुतोष जायसवाल, तत्कालीन सचिव पवन गुप्ता ने अपने चहेते रोजगार सेवक शैलेश को निर्देश दिया है कि जितने भी आपात्र है उनका एक अलग रिपोर्ट बनाया जाए और उनका चूल्हा चौकी चंद दिनों के लिए अलग टूटे - फूटे , टीनशेड वाले घर मे कर दिया जाए जिससे जाँच टीम को आसानी से गुमराह कर दिया जाए.
UP Samachar Plus के अगले अंक में देखिए कैसे मुजहना बुजुर्ग का बेहद ईमानदार रोजगार सेवक जिसके पिता, पुत्र समेत भाई मनरेगा में मजदूरी करके अपना जीवनयापन करते है.
सूत्र यह बताते है कि गाँव के एक व्यक्ति जो ग्रामप्रधान का सजातीय है वो ग्रामीणों के घर जा जाकर बायोमेट्रिक तरीके से फिंगर लगवाता है और ग्रामीणों के खाते में मनरेगा मजदूरी भेजकर सारे पैसे निकाल लेता है, जल्द ही उस फ्रॉड का भी नाम उजागर होगा साक्ष्यों कि साथ.
Part 6

